यूं ही नहीं बनता कोई पर्वतरोही, नाक से आ जाता है खून, नहीं मिलती है ऑक्सीजन, घुटने लगता है दम, तब जा कर फहरा पाते हैं यह अपने वतन का तिरंगा प्यारा, देखिए जबलपुर के इस पर्वतरोही का यह वीडियो - India2day news

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गुरुवार, 2 फ़रवरी 2023

यूं ही नहीं बनता कोई पर्वतरोही, नाक से आ जाता है खून, नहीं मिलती है ऑक्सीजन, घुटने लगता है दम, तब जा कर फहरा पाते हैं यह अपने वतन का तिरंगा प्यारा, देखिए जबलपुर के इस पर्वतरोही का यह वीडियो



हमारा इंडिया न्यूज (हर पल हर खबर) मध्यप्रदेश/जबलपुर।दक्षिण अफ्रीका के सबसे ऊंचे पर्वत किलिमंजारो हैं, जिसके लिए मध्यप्रदेश से दो युवाओं का चयन हुआ, जिसमें से सौरभ कुशवाहा व अंकित सेन दोनों का सिलेक्शन हुआ, इस संबंध में मध्यप्रदेश के जबलपुर के अमखेरा निवासी सौरभ कुशवाहा ने बताया कि दक्षिण अफ्रीका की सबसे ऊंची चोटी 8 हजार 595 मीटर है, जिस पर 1 लाख 9 हजार 341 फिट पर मध्यप्रदेश के जबलपुर निवासी सौरभ कुशवाहा व अंकित सेन ने तिरंगा लहराया है, इस संबंध में सौरभ कुशवाहा ने बताया कि  जब वे उस में चलना शुरू किए तो लगभग यहां का तापमान माइन्स 13 डिग्री था, चोटी पर पहुंचना आसान नहीं था, कम ऑक्सीजन, बर्फ बारी और  बर्फीली हवाओं के बीच उनके पैर सुन्न हो गए थे और उनके सिर में भी बहुत दर्द होने लगा था, इसके अलावा वह कई कठिनाइयों का सामना करते हुए मध्यप्रदेश के दो इंटरनेशनल पर्वतारोहियों ने भारत का तिरंगा लहराने में सफल हुए।







 आगे चर्चा में सौरभ कुशवाहा ने बताया कि उनको यहां तक पहुंचाने में कई लोगों की मेहनत है, जिसमें विधायक लखन घनघोरिया, महापौर जगत बहादुर सिंह अन्नू, चितरंजन वार्ड के पार्षद प्रमोद पटेल, वृंदावन कुशवाहा, अनिल कुशवाहा, अशोक सम्राट, प्रताप कुशवाहा, प्रकाश कनौजिया, डॉक्टर महेश दास के सहयोग से ही इस चोटी में तिरंगा फहरा सके और भारत का मान बढ़ा सके, वहीं उन्होंने बताया की फतह हासिल करने के बाद घर वापसी पर संस्कारधानी जबलपुर आने पर रेलवे स्टेशन में उनका भव्य स्वागत हुआ, इस दौरान सौरभ कुशवाहा ने बताया कि उनके माता पिता जी मजदूरी करते हैं, वह एक मिडिल फैमिली से भी हैं, उसके बावजूद भी उनके माता पिता उन्हें आगे बढ़ाने में मदद करते हैं, सौरभ ने आगे बताया कि उन्होंने माउंट रेनिंग का भी कोर्स किया है, अटल बिहारी वाजपई इंस्टीट्यूट मनाली से रॉक क्लाइंबिंग का भी कोर्स वह कर चुके हैं, माउंट आबू राजस्थान से उन्होंने सिल्वर मेडल भी जीता है, अंकित सेन और सौरभ कुशवाहा दोनों ने 27 व एडवेंचर क्लब इंडिया भी जॉइनिंग किया था, चंडीगढ़ से जो कि नारकंडा के लिए उनका सिलेक्शन हुआ, सौरभ का कहना है कि अब उनका अगला लक्ष्य माउंट एवरेस्ट में तिरंगा लहराना है, जिसकी तैयारी उनके द्वारा की जा रही है, माउंट एवरेस्ट पर चढ़कर वह जल्दी माउंट एवरेस्ट फतह करेंगे।


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